संस्था का उद्देश्य

1. ग्रामीण महिलाओं के लघु बचत पर आधारित स्वंय सहायता समूहों का गठन कर आर्थिक व सामाजिक शोषण से मुक्ति दिलाना।

2. नये स्वयं सहायता समूहों का गठन कर गरीबी उन्मूलन के लिये आवश्यकतानुसार कार्यो की योजना बना कर क्रियान्वित करना।

3. गरीबी उन्मूलन या अन्य योजनाओ का लाभ प्रत्येक सदस्य समूह को दिलवाना व उसके सदुपयोग को सुनिष्चित करना।

4. सदस्य समूहों के सर्वांगीण विकास के लिये योजना बनाना एवं बनायी गई योजना के लिये सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं, बैंको देषी व विदेषी वित्तीय सहायता प्राप्त करना।

5. सदस्य समूहों का सरकारी व गैर सरकारी स्वयंसेवी संस्थाओं की योजनाये बनाकर क्रियान्वयन करना।

6. सदस्य समूहों द्वारा विकास कार्यों के लिये प्राप्त की गई राषि, ग्रान्ट इत्यादि का सदुपयोग सुनिश्चित कर उनका सम्पूर्ण लेखाजोखा रखना।

7. सदस्य समूहों की ग्रामीण महिलाओं को लघु उद्योग लगाने के लिये प्रोत्साहित करना व इसके लिये उचित आवश्यक प्रशिक्षण दिलवाने की व्यवस्था कर उनकी आय मे वृद्धि करने मे सहायता करना एवं महिलाओं द्वारा उत्पादित वस्तुओं की विक्री की व्यवस्था करने मे सहयोग करना।

8. सदस्य समूहों की ग्रामीण महिलाओं एवं गॉव के किसान को कृषि मे सुधार लाने एवं कम लागत मे अधिक पैदावार करने हेतु कृषि विशेषज्ञ के द्वारा प्रशिक्षण दिया जाकर उनके द्वारा स्वंय सहायता समूह की महिलाओं को जानकारी देना।

9. स्वंय सहायता समूहों के लिये कृषि योजनायें बनाकर उनके कृषि उत्पादन को बढाना एवं सरकारी एवं गेर सरकारी योजनाओं से जोडकर कृषि के क्षेत्र मे विकास करना।

10. स्वंय सहायता समूहों के पशुपालन से आमदनी बढाने के लिये ग्रामीण लोगो को प्रषिक्षित कर किसानों को व समूह सदस्यों को उन्नत पशुपालन मे वृद्धि करना।

हमारे भागीदार