सहेली समिति से जुडी महिला की आज की स्थिती

संस्था के सी.आर.पी. सदस्यों ने जब महिलाओं का समूह बनाया तो अपना विश्वास जमा कर उस समूह की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह के फायदे बताये। और महिलाओं ने समूह बनाया समूह बनाकर आज इन महिलाओं की स्थिती बहुत सुदृण है उन्हे जब पैसो की आवश्यकता होती है तो समूह मे से उधार ले लेती है और उसका ब्याज देती है इस प्रकार उस ब्याज मे से उनका भी इसमे हिस्सा रहता है। आज समूह की महिलायें बहुत खुश है कि अब इन महिलाओं को पैसे के लिये किसी बोहरे के पास नही जाना पडता है और न ही अपनी जमीन गिरवी रखनी पडती है। जरूरत पडने पर यह समूह की बचत मे से पैसा उधार ले लेते है और बापस भी कर देते है । पहले पैसों के लिये महिलाओं को अपने पति का मुहं ताकना पडता था तब कहीं पैसे मिलते थे परन्तु समूह बनने के बाद आज समूह की महिलाओं के हाथ मे पैसे रहते है वह अपने पति का भी इन पैसों से काम चलाती है और इससे कई महिलाओं व बच्चों की जिन्दगी भी बची है जब कोई गर्भवती महिला के प्रसव के दौरान अचानक पैसों की जरूरत होती तो पहले वह किसी बोहरे से पैसे मांगते थे और कोई चीज गिरवी रखनी पडती थी जब पैसे मिलते थे तब उसको अस्पताल ले जाया जाता था वो सब भगवान भरोसे रहता था उनको कोई भी जानकारी नही रहती थी कि महिला को गर्भवती के दौरान क्या क्या सावधानी रखनी चाहिये हम घर पर अपने स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रख पायेंगे बच्चे की कैसे देखभाल करेंगें बच्चे के टीके लगवाने है कि नही, उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता महिला के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता नही थी, साफ सफाई के प्रति जागरूकता नही थी महिलाओं मे आपस मे मेल मिलाप नही था परन्तु स्वयं सहायता समूह बना कर इन महिला समूह को आज की स्थिती मे बहुत फायदा है आज वह जागरूक भी है आज वह पुरूष के सामने बोल सकती है बैंको मे जाकर बात करना व पैसे जमा कराना निकालना सीख गई है, हस्ताक्षर करना सीख गई है। संस्था का प्रतिनिधि बचत के अलावा समाज के बारे मे महिलाओं के स्वास्थ्य व बच्चों के स्वास्थ्य के बारे मे जानकारी देकर उनको फिजूल खर्चे से बचाने की कोशिश की जाती है। महिला की जान को बचाया जा सकता है बच्चे की जान को बचाया जा सकता है क्यों कि आज इन समूह की महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक है वह अपना भला बुरा जान गई है दवाई मे होने वाले फालतू खर्चे से अब वह बची है। अगर बीमारी के दौरान खर्चा आता है तो समूह की महिलाओं को बीमों सेवा के तहत एक एक वर्ष को स्वास्थ्य बीमा व जीवन बीमा करा रखा है जिसमे मात्र 175/- रूपये का बीमा करा करा यह महिला बीमारी के दौरान 2000/- तक की भरपायी बीमा के तहत ले रही है। अब्दुलपुर से रामबेटी बहिनजी को बीमो सेवा के तहत 600/- रूपये प्राप्त कर चुके हैव श्रीमती कमला बहिनजी 1952 का क्लेम प्राप्त कर चुकी है। समूह की बैठक के दौरान महिलाओं के घरो के हालचाल भी मालूम पड जाते है अगर किसी को परेशानी होती है तो महिलायें एक दूसरे की मदद करती है। लोन लेकर डेयरी का कार्य कर रही है और लिया गया लोन का पैसा समय पर बापस कर रही है। आज महिलाये जागरूक है।

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